बेटी
बेटी हुई है। हम्ममम ................बेटी हुई है कोई बात नहीं अगली बार बेटा होगा। तुम खुश तो हो बेटी हुई है ? हां ,ऐसा ही हुआ था और होता आया है । जब भी किसी घर में बेटी ने जन्म लिया है,हर निगाह मानो आप पे उंगली उठा रही हो । बेटी क्यों हुई तुम्हे बेटा जन्म देना चाहिए था न । बेटी हुई है इसलिए सब मिलने नहीं आए,बेटी हुई है तुम एक अंगूठा दब गई । पहला बेटा आपके कद,रुतबे को बढ़ाता है। और बेटी कुछ भी नहीं ? नौ महीने बस मैं भगवान से यही मांगती रही बेटी हो मुझे, मैं लिख रही हूं और दस लोग तारीफ करे इसलिए नहीं कह रही। पर यहां जब भी कोई बोलता चाहे घर के लोग हो या बाहर के,सब एक ही बात बोलते लड्डू गोपाल होगा । बस मेरे अलावा,और ईश्वर की कृपा हुई भी मुझपे । पर इतना रुखा व्यवहार होगा ये मुझे नहीं पता था। इस घर की दूसरी बेटी है शायद इसलिए। पर किसी तरह का प्रेम अपनी बेटी के लिए नहीं देखा । न किसी ने मेरी बेटी की तस्वीर खींची,न ही मेरे घरवालों को बताया । मेरी बहन ज्यादा उत्सुक थी इसलिए उसी ने सबको बताया । कई बार लगता है जब ये बड़ी होगी और पूछेगी तो क्या ये भी धीरे - धीरे सबसे दूर नहीं हो जाएगी। छुट्टी ...



